मुख्यमंत्री खट्टर के घर के बाहर फैंका गोबर और पैसे - नवीन जयहिन्द

 मुख्यमंत्री खट्टर के घर के बाहर फैंका गोबर और पैसे - नवीन जयहिन्द


मुख्यमंत्री व सांसद है भ्र्ष्टाचारीयों के सरदार - जयहिन्द



करनाल - बीते रविवार 20 मार्च को आम आदमी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष रहे नवीन जयहिन्द ने भ्र्ष्टाचार पर हल्ला-बोला व  अपने सैकड़ो समर्थकों के साथ झोटा-बुग्गी लेकर मुख्यमंत्री के आवास का घेराव करने करनाल पहुंचे, पर पुलिस ने उनकी 4 झोटा-बुग्गियों को पहले ही हिरासत में ले लिया। जैसे ही जयहिन्द मुख्यमंत्री को पैसे और गोबर भेंट करने के लिए आगे बढ़े तभी प्रसाशन ने उन्हें बीच रास्ते मे ही रोक लिया। व जयहिन्द ने मौके के डिप्टी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन के रूप में पैसे व गोसे दिए पर प्रसाशन ने लेने से मना कर दिया। लेकिन प्रसाशन के दबाब में न आकर जयहिन्द ने भ्र्ष्टाचार के खिलाफ अपने प्रदर्शन को जारी रखा।
जयहिन्द ने बताया पिछले 7 साल से मुख्यमंत्री खट्टर अपनी आँखों पर पट्टी बांध कर धृतराष्ट्र बने बैठे थे व करनाल के लोकसभा सांसद की जानकारी में यह करोड़ो का घोटाला हुआ है। इस घोटाले की व आईएएस अधिकारियों और सभी उच्चस्तरीय अधिकारियों की प्रॉपर्टी की जांच होनी चाहिए। जिन गरीब लोगों के घर तोड़े गए है उनके घर बनने चाहिए।
जयहिन्द ने बताया कि यह कौन बनेगा करोड़पति का खेल चल रहा है। यह घोटाला पिछले 7 साल से मुख्यमंत्री के ग्रह जिले में चल रहा है। जब पिछले एक साल में एक तहसीलदार की प्रॉपर्टी 100 करोड़ हो सकती है तो एक लोकसभा सांसद की कितनी होगी,एक डीसी की कितनी होगी व वहां के विधायक की कितनी हेगी। साथ ही जयहिन्द ने बताया कि ये सब छोटी मछली है जो बड़े-बड़े मगरमछ है उन्हें पकड़ना बहुत जरूरी है। जयहिन्द ने कहा कि जाँच में सामने आए सभी आरोपियों के नाम सार्वजनिक होने चाहिए, उनके नार्को टेस्ट होने चाहिए, हाईकोर्ट व सीबीआई में इस मामले की जाँच होनी चाहिए। करनाल में जिनके घर इस वजह से तोड़े गए है उन गरीब लोगों के घर बनने चाहिए। जयहिन्द ने कहा कि यह अकेले करनाल की बात नही है ये हरियाणा का कम से कम पांच हजार करोड़ रुपयों का घोटाला है। मुख्यमंत्री खट्टर साहब को लोगो से माफी मांगनी चाहिए व शर्म आनी चाहिए जो नकली राजा हरीशचन्द्र का मोड़ बांधे घूम रहे है।
जयहिन्द ने अपने सूत्रों का हवाला देते हुए बताया कि विजिलेंस की जाँच पड़ताल में यह सामने आया है की तहसीलदार अकेला ही रिश्वत नही खाता था। बड़े साहब से लेकर छोटे साहब तक पैसो का लेनदेन होता था।
इस मौके पर  सोयब आलम , अनूप संधू बलबीर नरवाल, विनोद इसराना,अनिल हिंदुस्तानी, जिले सिंह, सुरेश कक्कड़, संदीप घरौंडा, असीम शर्मा ,अनिल वर्मा ,गौरव गोयल, लक्ष्मण रंगा ,जेपी शेखपुरा, संदीप राणा ,अयूब गढ़ी मौजूद रहे।

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