विश्वविद्यालय के समग्र विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शोध की आवश्यकताः कुलपति प्रो. तोमर

 विश्वविद्यालय के समग्र विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शोध की आवश्यकताः कुलपति प्रो. तोमर


- आधुनिक पुस्तकालय अभ्यास पर साप्ताहिक कार्यक्रम समापन
फरीदाबाद, 6 मार्च - जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के पंडित दीन दयाल उपाध्याय केंद्रीय पुस्तकालय द्वारा ‘अनुसंधान उत्कृष्टता और अकादमिक विकास - वर्तमान परिदृश्य में आधुनिक पुस्तकालय अभ्यास’ विषय पर आयोजित एक सप्ताह का शार्ट-टर्म प्रशिक्षण कार्यक्रम (एसटीटीपी) संपन्न हो गया। कार्यक्रम को एआईसीटीई द्वारा प्रायोजित किया गया था।
समापन सत्र में कुलपति प्रो. एसके तोमर ने कार्यक्रम के सफल समापन पर विश्वविद्यालय पुस्तकालय को बधाई दी और विश्वविद्यालय के समग्र विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शोध की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शोधकर्ता को गुणवत्तापूर्ण शोध करने पर ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें असफलता से नहीं डरना चाहिए क्योंकि असफलता वह बिंदु है जहां से नई सीख शुरू होती है।
इस अवसर पर राजा राममोहन राय लाइब्रेरी फाउंडेशन, संस्कृति मंत्रालय, कोलकाता के महानिदेशक प्रो. ए.पी. सिंह मुख्य अतिथि रहे। अपने संबोधन में प्रो. सिंह ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शोध के लिए गुणवत्तापूर्ण साहित्य सबसे महत्वपूर्ण है और यह केवल पुस्तकालय द्वारा प्रदान किया जा सकता है। उन्होंने पुस्तकालय से संबंधित विभिन्न गतिविधियों के आयोजन के लिए राजा राममोहन राय पुस्तकालय फाउंडेशन और जे.सी. बोस विश्वविद्यालय के बीच वित्त पोषण और सहयोग का भी प्रस्ताव रखा।
कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो. आशुतोष दीक्षित ने पुस्तकालय के प्रयासों की प्रशंसा की और विश्वविद्यालय के संकाय और छात्रों को विभिन्न अनुसंधान सहयोगी सेवाएं प्रदान करने के लिए केंद्रीय पुस्तकालय द्वारा दिए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम समन्वयक एवं संयोजक डॉ. पी.एन. बाजपेयी ने कार्यक्रम रिपोर्ट प्रस्तुत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि कार्यक्रम में उत्तराखंड, राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश सहित देश भर के राज्यों से 40 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान आई्रआईटी, आईआईएसईआर एवं एनआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से विभिन्न विशेषज्ञ वक्ताओं द्वारा 18 सत्र आयोजित किए गए।
अंत में कार्यक्रम समन्वयक डॉ. प्रीति सेठी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया और कार्यक्रम के आयोजन का अवसर प्रदान करने के लिए एआईसीटीई का आभार व्यक्त किया।

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