पं सुरेन्द्र शर्मा बबली राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आचार्य चाणक्य को किया याद
पं सुरेन्द्र शर्मा बबली राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आचार्य चाणक्य को किया याद
फरीदाबाद, 1 जून। अखिल भारतीय ब्राह्मण सभा ने सैक्टर-12 फरीदाबाद स्थित कार्यालय पर परम श्रद्धेय आचार्य चाणक्य जी की जयंती पर उनको पुष्प अर्पित कर शत शत नमन किया तथा उनकी जयंती को ब्राह्मण गौरव दिवस के रूप में मनाया। पं सुरेन्द्र शर्मा बबली राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा की आचार्य चाणक्य राजनीति के पुरोधा ज्ञान के गुरु थे। एक कुशल राजनीतिज्ञ शास्त्र-शस्त्र से ओतप्रोत सभी विद्याओं से पारंगत थे, उन्होंने एक अबोध बालक चन्द्र को चक्रवर्ती सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य बना दिया। इसी के साथ पं सुरेन्द्र शर्मा ने चाणक्य नीति बताते हुए कहा की मनुष्य को ज्ञान के प्रति सदैव सजग और लग्नशील रहना चाहिए। ज्ञान शास्त्रों से प्राप्त होता है, यानि जो लोग शास्त्रों से जुड़े रहते हैं, शास्त्रों से प्राप्त बातों को अनुभव की कसौटी पर कसते रहते हैं, वे सही और गलत का भेद आसानी से लगा लेते हैं। ऐसे लोगों को कोई भी धोखा नहीं दे पाता है, ऐसे लोग भ्रम की स्थिति से भी दूर रहते हैं। आचार्य चाणक्य के अनुसार ऐसे लोग जीवन में प्रत्येक कार्यों में सफलता प्राप्त करते हैं। उन्होने कहा की चाणक्य के अनुसार भौतिक युग में धन की विशेष भूमिका है, इसलिए इसकी रक्षा करनी चाहिए। जो लोग धन आने पर उसके महत्व को नहीं समझते हैं। अनावश्यक चीजों पर धन का व्यय करते हैं, वे आगे चलकर मुसीबतों का सामना करते हैं, धन की रक्षा से भी अधिक आवश्यक आत्मा की रक्षा है, आत्मा शुद्ध और पावन होगी तो धन की लक्ष्मी जी का भी आशीर्वाद बना रहेगा। उन्होने कहा की निस्वार्थ भाव व त्याग का जीवन आचार्य चाणक्य ने जिया हमे उनसे प्रेरणा लेकर उनके आदर्श मार्ग का अनुसरण करना चाहिए। इस अवसर पर पं हरीश पाराशर एडवोकेट, पं कृष्ण पाराशर एडवोकेट, पं ओमबीर, पं रामानुजन, पं श्रवण, पं शंकर, पं आकाश, पं रोहित, पं योगेश सहित अन्य उपस्थित रहे।

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